मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनाव को एक नई धार दे गए। मिल्कीपुर की सरजमीं से सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर चौतरफा हमला किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मिल्कीपुर के उपचुनाव का संदेश बहुत दूर तक जाएगा और इसे अयोध्या धाम के संदेश में बदलना है। उन्होंने उपस्थित जन समूह से इस पर सहमति भी मांगी। इसके बाद दोनों हाथ उठाकर जन समूह ने मुख्यमंत्री का जोशो-खरोश से समर्थन भी किया। उन्होंने सात सीटों पर पिछले विधानसभा उपचुनाव के वोट के रिकॉर्ड को तोड़ने का जन समूह से वादा भी लिया और कहा कि मिल्कीपुर का विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। साथ ही हैरिंग्टनगंज बाजार का नाम उसकी पहचान और वैभव के अनुसार परिवर्तित भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने जन समूह से कहा आप घर-घर जाकर बताएं कि समाजवादी पार्टी अयोध्या की दुश्मन है। यही नहीं पिछड़ी और अनुसूचित जाति, जनजाति के महापुरुषों से संबंधित स्थलों के विकास की बात होती है तो उसका भी विरोध समाजवादी पार्टी करती है। मुख्यमंत्री ने भदरसा कांड को ताजा करते हुए कहा कि इस घटना ने "देख सपाई बिटिया घबराई"के शब्दों को चरितार्थ कर दिया है। ऐसे मुईद खान को सिर पर बैठाने वाले सांसद अवधेश प्रसाद ने अपने बेटे को इस चुनाव में उतारा हैं। परिवारवाद पर उन्होंने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अब यह आप सभी को निर्णय लेना है कि भाजपा के प्रत्याशी जो विकास का आधार बनेगा उसे अपना प्रतिनिधि चुनना है या फिर ऐसे को जो समाजवादी पार्टी जैसे दल का प्रत्याशी है। जिसने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली के साथ ही काशी और मथुरा ही नहीं वर्तमान में सनातन धर्म के महापर्व महाकुंभ का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा इसके ठीक विपरीत अयोध्या और महाकुंभ का संदेश संपूर्ण विश्व के लिए एकता का संदेश बनेगा और एकता से ही हमारा देश अखंड देश का स्वरूप धारण करेगा। मंच पर उत्तर प्रदेश सरकार के मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए बनाए गए सातों प्रभारी मंत्री और टिकट को लेकर नाराज 12 नेता भी मौजूद रहे।