अयोध्या में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो लाख रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू मुठभेड़ में मारा गया। रविवार देर रात महाराजगंज थाना क्षेत्र के एमी घाट के पास हुई इस कार्रवाई में उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अपने एक सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में भानु प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बदमाश को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरा बाजार ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे दर्शननगर स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एसटीएफ इंस्पेक्टर जेपी राय ने रात करीब 11:10 बजे महाराजगंज पुलिस को मुठभेड़ की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बताया गया कि एंबुलेंस समय पर न पहुंचने के कारण एसटीएफ कर्मियों ने घायल बदमाश को स्वयं अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गोरखपुर निवासी भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू एक शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी समेत विभिन्न संगीन धाराओं में लगभग 40 मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। भानु प्रताप पर आजमगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपये, गोरखपुर पुलिस ने 25 हजार रुपये तथा बस्ती पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। कुल मिलाकर उस पर दो लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। साथ ही क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।