अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बाद तहसील क्षेत्र के कैथी गांव में नदी का कटान तेज हो गया है। कटान के चलते किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल नदी की धारा में समाने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 70 मीटर क्षेत्र में खड़ी धान की फसल नदी में समा चुकी है। कटान बढ़ने से किसानों में अपनी फसल और खेतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी खेतों की ओर बढ़ने के साथ ही किनारों की मिट्टी कटकर नदी में गिर रही है। इससे खेतों का रकबा लगातार कम हो रहा है। किसानों ने मेहनत और लागत लगाकर धान की फसल तैयार की थी, लेकिन कटान के कारण फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में और अधिक कृषि भूमि व फसल नदी की धारा में समाने की आशंका है। कैथी गांव निवासी लल्ला ने आरोप लगाया कि गांव में ग्रामीणों के आवागमन के लिए सरकारी नावों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेतों में कटान शुरू हो चुका है और किसानों की फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन की ओर से नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है।सरयू नदी के कटान होने से लगभग 70 मीटर धान की फसल नदी में समा चुकी है।उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके पर टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे रहने वाले परिवारों में भी दहशत का माहौल है। किसानों को लगातार इस बात की चिंता सता रही है कि कटान बढ़ने पर उनकी बची हुई फसल और खेत भी नदी की धारा में समा सकते हैं। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए बचाव कार्य कराने तथा आवश्यकता के अनुसार नाव की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर प्रशासन की नजर है। संबंधित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेकर फसल और कृषि भूमि के नुकसान का आकलन कराया जाएगा। प्रभावित किसानों की क्षति का नियमानुसार परीक्षण कराकर पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराई जाएंगी।