अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के किनारे 45 करोड़ की लागत से हाईटेक बाउंड्री वॉल, संग्रहालय और लाइटिंग प्लान को अंतिम रूप आज दे दिया जाएगा। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक के पहले कहा कि मंदिर परिसर की चार किमी लंबी बाउंड्री वॉल के निर्माण का काम अगले 15 दिन में शुरू हो जाएगा। इसमें अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, सेंसर और वॉच टावर लगाए जाएंगे ताकि किसी भी अनाधिकृत प्रवेश की सूचना तत्काल मिल सके। परियोजना की अनुमानित लागत 45 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय निर्माण की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ, आंदोलनकारियों की भूमिका, थ्री डी व मिक्स्ड रियलिटी टेक्नोलॉजी के माध्यम से दर्शाए जाएंगे। आज ही इसका टेंडर जारी किया जाएगा। लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक संग्रहालय श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाए। मंदिर निर्माण की प्रगति पर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि काम अंतिम चरण में है और दिसंबर 2025 तक मंदिर परिसर का निर्माण पूरा हो जाएगा। न्यास से हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। फसाड की लाइटिंग डिजाइन पर असंतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि तीन कंपनियों के मॉडल संतोषजनक नहीं थे। लाइट और शैडो के संतुलन से कलश, डोम और मंदिर की आइकॉनोग्राफी को उभारने पर जोर रहेगा। नई डिजाइन पर कंपनियों से दोबारा प्रस्तुति मांगी गई है, जो अगली बैठक में पेश की जाएगी। चार प्रमुख द्वारों के स्पष्ट नामकरण और मंदिर परिसर में शांति को प्राथमिकता देते हुए अत्यधिक चमक-दमक वाली लाइटिंग से परहेज किया जाएगा।