रामनगरी अयोध्या में जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 776वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राम मंदिर परिसर स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार पर पूजन-अर्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में दिल्ली से आए वाल्मीकि समाज के 100 से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन-पूजन किया। इस आयोजन का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने किया। इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए आलोक कुमार ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां हर चुनाव के समय हिंदू समाज को निशाना बनाया जाता है। इस बार इसके विरोध में भारत के प्रत्येक जिले के साथ विश्व की 100 से अधिक राजधानियों में प्रदर्शन किए गए हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर इस हिंसा को रोका जा सके। पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए आलोक कुमार ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई कानूनी है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से एजेंसियों को धमकाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। वाल्मीकि समाज के दर्शन पर आलोक कुमार ने कहा कि जहां महर्षि वाल्मीकि हैं, वहीं भगवान राम हैं, क्योंकि गुरु के माध्यम से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है।