अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। पहले रामलला की और उसके बाद राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। अब राम मंदिर के शिखर पर ध्वज दंड पताका फहराने की तैयारी शुरू हो गई है। नवंबर में किसी भी दिन शुभ मुहूर्त पर यह आयोजन भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर से भव्य समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। राम मंदिर के 161 फिट ऊंचे शिखर पर होने वाले ध्वजारोहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। रामलला और राजा राम के प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक गूंज अभी भी बरकरार है। राम मंदिर के अलावा परिसर के अन्य सभी मंदिरों के शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा। रामध्वज का आरोहण केवल एक प्रतीकात्मक अनुष्ठान नहीं बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की विजय और धर्म की प्रतिष्ठा का उदघोष होगा। यह आयोजन मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर बढ़ते कदम का संकेत भी माना जा रहा है। ध्वज पताका को वैदिक मंत्रोच्चार, संगीत और विशेष पूजा विधियों के साथ मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा। ध्वज पताका फहराने से पहले विविध प्रकार के अनुष्ठान व रामकथा का भी आयोजन होगा। राम मंदिर के शिखर ध्वजारोहण समारोह में देश के कई प्रसिद्ध संगीतज्ञ व कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इससे समारोह की भव्यता बढ़ेगी। सूत्रों की माने तो ज्योतिषाचार्य की ओर से 16 नवंबर व 25 नवंबर दो शुभ तिथि मानी जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट इन्ही दोनों तिथि में से किसी एक तिथि का चयन कर सकता है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रह सकते हैं। यह आयोजन एक बार फिर अयोध्या को भक्तिभाव, वैदिक अनुष्ठानों और विश्व भर से जुटने वाले श्रद्धालुओं से सराबोर कर देगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से मेहमानों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें देश-विदेश के संत, धर्माचार्य, प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि और रामभक्त शामिल रहेंगे।