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जानकी रमण कुंज के महंत अनिरुद्ध दास ने कहा कि राम मंदिर अंतरराष्ट्रीय आस्था का केंद्र है

मधुवेंद्र सचान Updated Thu, 18 Jun 2026 04:51 PM IST

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही एसआईटी जांच को लेकर अयोध्या के संतों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। संतों का कहना है कि यह मामला करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य ने कहा कि इस प्रकरण से देश-दुनिया के सनातनियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मांग की कि एसआईटी के साथ मंदिर आंदोलन से जुड़े करसेवकों और संतों को भी जांच में शामिल किया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर और कठोर कार्रवाई हो। जानकी रमण कुंज के महंत अनिरुद्ध दास ने कहा कि राम मंदिर अंतरराष्ट्रीय आस्था का केंद्र है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, चढ़ावे का सार्वजनिक ब्योरा जारी करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में संतों और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही राम मंदिर के सीसीटीवी को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए जिससे देश दुनिया से बैठा हुआ भक्त राम मंदिर की भी निगरानी कर सके। स्वामी वरुणादित्य महाराज ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी, बैंक कर्मी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं स्वामी नरेंद्राचार्य महाराज ने कहा कि राम मंदिर सभी राम भक्तों की आस्था का केंद्र है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि निष्पक्ष जांच, पारदर्शी व्यवस्था,एक निगरानी कमेटी बनाई जाए जिसमें राम मंदिर से जुड़े हुए लोगों को शामिल किया जाना चाहिए और जवाबदेही तय होने से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

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