सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन अंतरराज्यीय साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके विरुद्ध देश के अलग-अलग क्षेत्रों से साइबर ठगी के 26 मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हुए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास दो लग्जरी कार, लैपटॉप, मोबाइल के अलावा कई मुहरें और अभिलेख भी मिले हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी और संभल के अलावा देश के विभिन्न राज्य पंजाब, बिहार आदि से एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की 26 शिकायतें दर्ज की गईं थीं। इन सभी में प्रधानमंत्री कुसुम योजना व प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी की गई थी। जिले के कुछ लोगों को भी इन साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। इसके बाद से ही बेला थाना पुलिस और साइबर थाने की टीम इन साइबर ठगों की तलाश में थी। बुधवार रात को एसओजी के साथ साइबर थाना पुलिस और बेला थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर मुखबिर की सूचना पर तीन अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। अमृतपुर की तरफ से बंबा पटरी पर छहरी पुलिस के पास कार में बैठकर तीनों आरोपी साइबर ठगी की प्लानिंग कर रहे थे। पूछताछ में तीनों ने ठगी की बात स्वीकार की है। आरोपियों में औरैया के बेला थाना क्षेत्र के गांव अमृतपुर कैथावा निवासी शिवप्रताप उर्फ रवि और जितेंद्र सिंह उर्फ मिथुन सिंह के अलावा फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव रुरिया निवासी राहुल भी शामिल है। तीनों युवा हैं, उनकी उम्र 25 से 27 वर्ष के बीच है। उनके पास से पुलिस ने 9.21 लाख रुपये नकद के साथ ही दो लग्जरी कार भी बरामद की हैं। इसमें एक कार टाटा कर्व और दूसरी महिंद्रा एक्सूयवी 300 शामिल है। इसके अलावा एक लैपटॉप, तीन पेनड्राइव, छह मोबाइल फोन, चार फर्जी मुहरें, एक किसान यूनियन आईकार्ड, चार आधार कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस और चार डेबिट व क्रेडिट कार्ड भी पुलिस को आरोपियों के पास से मिले हैं।