रामगंगा पोषक नहर पर पैंटून पुल नहीं लगाए जाने के कारण चार गांवों के किसान नाव से गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉली और बुग्गी पार करने को मजबूर हैं। उनके साथ हर समय हादसे का डर बना रहता है। अलीनगर गांव के सामने रामगंगा पोषक नहर गुजर रही है। जिसे स्थानीय लोग बाह नाला भी कहते हैं। नहर के पार टापू में दारानगर गांव बसा है। आस पास ही उसके खेत हैं। इसके अलावा मुरादपुर, अलीनगर, पपसरा खादर गांव के किसानों की 80 फीसदी से अधिक भूमि भी नहर के पार है। जिसे पार करने के लिए नाव के अलावा कोई विकल्प नहीं है। गन्ना सीजन शुरू हुए करीब एक महीना हो गया। गेहूं की बुवाई के लिए किसान गन्ने की फसल काट रहे हैं। मगर गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉली और बुग्गी निकालने के लिए अन्य कोई विकल्प नहीं होने के कारण वह नाव से पार होने को मजबूर हैं। अलीनगर के त्रिलोक भड़ाना, योगेश भड़ाना, ज्ञानेंद्र भड़ाना, मास्टर सुरेंद्र सिंह, मुरादपुर के जगपाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोनू भड़ाना, दारानगर के मंगत सिंह खड़गवंशी का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा बाह नाला पर अभी तक पैंटून पुल नहीं लगवाया। इस कारण किसानों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। नाव से गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉली व बुग्गी निकालने पर नाव पलट जाने या डूब जाने का डर बना रहता है। बाह नाला पर आवागमन सुगम करने के लिए दारानगर समेत तीन स्थानों पर जल्द ही पैंटून पुल लगवाए जाएंगे। इसकी तैयारी कर ली है- रवि प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मुरादाबाद।