पैंटून पुल से गुजरने वाले 6-7 गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पार हो रहे हैं। उस पर बिछाया गया कांस, फूंस उड़ जाने के कारण बड़े-बड़े गढ्ढे बन गए हैं। बल्लियां उखड़ गई हैं। वाहन पुल से नीचे पानी में गिरने का डर बना रहता है। रामगंगा पोषक नहर, जिसेे बाह नाला भी कहा जाता है। इस पर सिंचाई विभाग द्वारा अलीनगर व दारानगर के बीच पैंटून पुल लगाया गया। जिससे दारानगर के ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो। इसके अलावा अलीनगर, मुरादपुर, पपसरा खादर, चकनवाला, टीकों वाली, भुड्डी वाली गांव समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की खेती नहर के पार हैै। जिससे पार होने के लिए पुल ही एकमात्र रास्ता है। इस समय पुल क्षतिग्रस्त हो गया हैै।