गंगा में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ में भी चकनवाला से शीशों वाली समेत एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क नहीं कटेगी। बाढ़ का पानी निकलने के लिए 24 ह्यूम पाइपों के ऊपर 50 मीटर लंबी और साढ़ेे सात मीटर चौड़ी सड़क बनाई है। जिस पर एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बाढ़ का पानी ह्यूम पाइप सेे और सड़क के ऊपर से भी निकलने पर सड़क को नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। गंगा में हर साल भीषण बाढ़ आती हैै। जुलाई मध्य से लेकर सितंबर के अंत तक बाढ़ का पानी भरा रहता हैै। भीषण बाढ़ न सिर्फ फसलों को बर्बाद करती है, बल्कि सड़कों को भी काट देती हैै। जिससे करोड़ों का नुकसान होता हैै। गांव चकनवाला तट बांध के निकट से शीशों वाली समेत दर्जन भर गांवों को जोड़ रही सड़क हर साल कट जाती थी। पिछले साल बाढ़ में सड़क इस कदर कट गई थी कि उस पर पांच से छह फीट गहरा और दस फीट से अधिक लंबा नाला बन गया था। और भी छोटे-छोटे नाले बन गए थे। जिनमें किसानों का चारा भरा ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गया था। गनीमत यह रही कि ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से पहले ही उसमें सवार सभी लोग कूद गए थे। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों नेे स्थानीय विधायक राजीव तरारा से सड़क हर साल न कटे, इसके लिए पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की थी। विधायक ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए ऐसा इंतजाम करने की मांग की, जिससे बाढ़ के सीजन में सड़क न कटे। इस पर सीएम ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों को निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के स्थानीय अफसरों ने 50 मीटर लंबा रपटा बनाए जाने की जरूरत बताते हुए प्रस्ताव बनाकर भेजा। जिसे न सिर्फ मंजूरी मिली, बल्कि धन भी अवमुक्त कर दिया गया। एक करोड़ रुपये से 50 मीटर लंबा रपटा बनाया। जिसकी चौड़ाई साढ़े सात मीटर हैै। सड़क 24 ह्यूम पाइप के ऊपर बनाई गई है। पीडब्ल्यूडी के ऐई रणवीर सिंह नेे बताया कि बाढ़ का पानी ह्यूम पाइपों से निकल जाएगा। अधिक बाढ़ आने पर सड़क के ऊपर से बह जाएगा। सड़क सुरक्षित रहेगी। इससे हर साल कट जाने वाली सड़क के कारण ग्रामीणों को दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।