गजरौला रेलवे स्टेशन पर टिनशेड नहीं होने के कारण बूंदाबांदी में यात्री भीगते रहे। कई यात्रियों ने भीगने से बचने के लिए पैदल यात्री पुल के नीचे शरण ली। रेलवे स्टेशन का चयन अमृत भारत योजना के तहत किया गया। इस योजना में स्टेशन के भवन का काया कल्प किया जाएगा। पुराने भवन को ध्वस्त कर नया बनाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-1,2 और 3 पर यात्रियों के बैठने के लिए जो टिनशेड थे, उनको निर्माण कार्य के चलते ध्वस्त कर दिया गया। गर्मी और बरसात से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।