भाकियू संयुक्त मोर्चा के प्रदूषण के खिलाफ चल रहे बेमियादी धरने के सातवें दिन भी किसान कड़ाके की सर्दी में हाईवे किनारे डटे रहे। प्रदूषित पानी की बोतलों को दिखाते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि जमीनी मुद्दों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शहवाजपुर डोर में हाईवे किनारे चल रहे बेमियादी धरने पर बैठे किसानों और ग्रामीणों में जोश भरते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण के कारण यहां का जल, जंगल और जमीन बेकार हो गए हैं। जहरीली हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। संगठन के पदाधिकारियों ने पानी की बोतलों को दिखाते हुए कहा कि यह 200 फीट गहराई का पानी है। जो औद्योगिक इकाइयों द्वारा जमीन में बोरिंग से डाले जा रहे प्रदूषित पानी के कारण इस कदर पीला हो गया है कि देखने में पेट्रोल जैसा लगता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला को फोन कर यहां के प्रदूषण के बारे में अवगत कराया। मोर्चा के मुख्य राष्ट्रीय सचिव अरुण सिद्धू ने कहा कि संगठन किसानों और ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होने देगा। कहा हम विकास और औद्योगिक इकाइयों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसे विकास का क्या फायदा, जहां पर सांस लेना दूभर हो गया हो। पानी पीने लायक नहीं रहा हो। फसलें नष्ट हो रही हैं। संगठन किसानों के हित से समझौता नहीं करेगा। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह, रामकृष्ण चौहान, अंसार मंसूरी, सुशील चौधरी, तेजपाल सिंह, अमरजीत देवल, कैलाश नाथ, जर्रार चौधरी, लकी चौधरी, शानू चौधरी, अंकुर चौधरी, अब्दुल राशिद, शाकिर अली, हाजी फरीद, मोहम्मद यूसुफ आदि मौजूद रहे।