बाह नाला द्वारा किए जा रहे कटान ने दारानगर गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जलधारा का रुख बदलने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा किया गया इंतजाम भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। दारानगर गांव के उत्तर दिशा में बाह नाला बह रहा है। जिसे रामगंगा पोषक नहर भी कहते हैं। इसकी जलधारा द्वारा तेजी से कटान किया जा रहा है। अब तक कई बीघा खेतों को जलधारा ने अपनी चपेट में ले लिया है। साथ ही इसका रुख गांव की तरफ भी हो गया है। इससे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई हैै। हैरत की बात यह है कि सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए किनारे पर बांस की बल्लियां लगाई थीं। उनमें पेड़ाें की डालियों को डाला गया था, लेकिन इसके बाद भी कटान नहीं रुक रहा है। जिससे ग्रामीण खासे चिंतित हैं। दारानगर गांव निवासी मंगत सिंह, लक्ष्मण, शंकर, आदि का कहना है कि इसी तरह कटान होता रहा तो उनका गांव चपेट में आ सकता हैै। अभी तक जलधारा ने कई खेतों को काटकर अपनी चपेट में ले लिया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रवि प्रकाश सिंह का कहना है कि बाह नाला द्वारा किया जा रहा कटान रोकने के लिए जल्द ही पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जीयो ट्यूब लगाई जाएगी।