उप कुल सचिव से गुहार लगाने के बाद भी एलएलबी तृतीय वर्ष के 90 प्रतिशत दिव्यांग छात्र का परीक्षा केंद्र नहीं बदला। चलने और फिरने में असमर्थ दिव्यांग बेटे को उसके पिता कड़ाके की सर्दी में 35 किमी दूर परीक्षा दिलाने जाएंगे। गुरु गोविंद सिंह नगर मोेहल्ला निवासी वीरेंद्र चौरसिया के बेटे सौरभ चौरसिया 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं। वह एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के छात्र हैं। 15 जनवरी को उनका पहला पेपर है। इसके बाद 17, 20 और 22 को पेपर है। परीक्षा केंद्र अमरोहा का जेएस हिंदू डिग्री कॉलेज में बनाया गया है। जिसकी दूरी गजरौला से करीब 35 किमी दूर है। चलने फिरने में असमर्थ बेटे का परीक्षा केंद्र बदलवाने के लिए उन्होंने बरेली तक भागदौड़ की। वह गजरौला में ही परीक्षा केंद्र चाहते थे। जिससे बेटे को दिक्कत न हो। उन्होंने पिछले महीने पांच दिसंबर को बरेली जाकर रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के उप कुल सचिव से भी गुहार लगाई। मगर उप कुल सचिव के वरिष्ठ लिपिक ने काम करने की बजाय उनको परेशान किया। वह उनको जिस कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, उससे एनओसी लाने के लिए कहता था। जो किसी अभिभावक का काम नहीं है और न ही कोई कॉलेज किसी अभिभावक को एनओसी प्रदान कर सकता है। हालांकि उप कुल सचिव ने वरिष्ठ लिपिक को फटकार भी लगाई। मगर उस पर कोई असर नहीं पड़ा। उधर छात्र के पिता का उनका कहना है कि उनको यह चिंता सता रही है कि कड़ाके की सर्दी में बेटे को 35 किमी दूर परीक्षा दिलाने कैसे जाएंगे।