गजरौला। श्रद्धालुओं ने आषाढ़ अमावस्या पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रजघाट व तिगरी गंगा में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पतित पावनी में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराए। गंगा घाट जयकारों से गूंज उठे। तिगरी निवासी पंडित गंगाशरण शर्मा के मुताबिक आज मंगलवार को आषाढ़ माह की अमावस्या है। प्राचीन मान्यता है कि अमावस्या पर स्नान करने से पितृ तृप्त होते हैं। घर में सुख समृद्धि आती है। इस कारण दूर दराज के श्रद्धालुओं ने तड़के 4 बजे से ही पतित पावनी में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। ब्रजघाट में दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुरादाबाद के श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य कमाया, जबकि तिगरी में अमरोहा, संभल, कैलसा, जाेया के श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। गंगा तट हर हर गंगे के उदघोष से गूंज उठे। स्नान के बाद गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराए। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया। तड़के 4 बजे शुरू हुआ दोनों स्थानों पर स्नान का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।