पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए 12 जुलाई को ''एक पेड़ मां के नाम'' महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 53 लाख 66 हजार 100 पौधे रोपित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक कर हरित आवरण में वृद्धि करना भी है। इसके लिए सभी विभागों के साथ विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अभियान के लिए पौधारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों के उठान का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 29 पौधशालाओं में 81.90 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, शीशम, अर्जुन, जामुन, महुआ, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। वन विभाग 26.93 लाख तथा अन्य विभाग 26.73 लाख पौधे लगाएंगे। ग्राम्य विकास विभाग को सर्वाधिक 14.29 लाख पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है। कृषि, पंचायतीराज, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, लोक निर्माण, सिंचाई, विद्युत और पुलिस विभाग भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अभियान का मुख्य कार्यक्रम तिलोई तहसील के मोहिया केसरिया गांव में आयोजित होगा। यहां 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह करेंगे। पौधारोपण अभियान की निगरानी के लिए वन विभाग ने कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जिससे पूरे जिले में पौधारोपण और संरक्षण की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। पांच वर्षों का पौधारोपण 2021-22 : 43,22,960 पौधे 2022-23 : 51,03,688 पौधे 2023-24 : 45,54,070 पौधे 2024-25 : 46,65,507 पौधे 2025-26 : 43,64,550 पौधे बढ़ रहा जिले का हरित क्षेत्र वर्तमान वन क्षेत्र : 2050.1800 वर्ग किलोमीटर वर्ष 2019 में वन क्षेत्र में वृद्धि : 6.03 वर्ग किमी वर्ष 2021 में वन क्षेत्र में वृद्धि : 2.03 वर्ग किमी वर्ष 2023 में वन क्षेत्र में वृद्धि : 2.21 वर्ग किमी पौधारोपण के साथ संरक्षण भी उतना ही जरूरी प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी है। सभी विभागों और आमजन की भागीदारी से यह अभियान जनआंदोलन का रूप लेगा। प्रत्येक व्यक्ति यदि लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल करेगा तो जिले का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, पर्यावरण संतुलित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिलेगा।