गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच पेट्रोल और डीजल की मांग अचानक बढ़ गई है। हालात यह हैं कि पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मुंशीगंज और वारिशगंज सहित कई पंपों पर वाहन चालकों को एक से दो घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद ही ईंधन मिल पा रहा है। मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पंपों पर पहुंच रहे हैं। आशंका के चलते लोग पहले से पेट्रोल भराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कतारें लगातार लंबी होती जा रही हैं। मुंशीगंज स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से शाम तक भीड़ बनी रही। लाइन में लगे बाइक सवार मुंशीर ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद 200 रुपये का पेट्रोल मिला। इतनी कम मात्रा में बार-बार पंप आना पड़ रहा है। कार चालक अनिल गुप्ता ने कहा कि दो घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद 500 रुपये का पेट्रोल मिला, जिससे समय और काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं। गौरीगंज के टिकरिया सहित अन्य पंपों पर भी सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। एक उपभोक्ता ने बताया कि कम पेट्रोल मिलने से परेशानी बढ़ गई है। दूसरे व्यक्ति ने कहा कि भीड़ के कारण लाइन में खड़े रहना मुश्किल हो जाता है और अव्यवस्था जैसी स्थिति बन जाती है। पंप संचालकों ने भंडारण रोकने के लिए बाइक सवारों को 200 रुपये और कार चालकों को 500 रुपये तक ही पेट्रोल देने का निर्णय लिया है। डिब्बों व अन्य बर्तनों में ईंधन देने से मना किया गया है। वारिशगंज स्थित पंप पर देर शाम भीड़ लग गई। भंडारण रोकने के लिए सीमित मात्रा में दिया जा रहा ईंधन पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अपूर्ण पांडेय ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भुगतान संबंधी दिक्कत से आपूर्ति प्रभावित हुई है। भंडारण रोकने के लिए सीमित मात्रा तय की गई है। जरूरत के अनुसार ही ईंधन जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील है कि अनावश्यक घबराहट न दिखाएं और जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें, ताकि व्यवस्था सामान्य बनी रहे।