संग्रामपुर गांव निवासी एवं कालिकन मंदिर के पुजारी हरिकृष्ण मिश्र (45) की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शुक्रवार रात मौत हो गई। जैसे ही पुजारी की मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के पुत्र ओम मिश्र ने बताया कि उनके पिता हरिकृष्ण मिश्र कालिकन मंदिर में पूजा-पाठ के साथ प्रसाद की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार को वह बाइक से कालिकन–चंद्रिकन मार्ग होते हुए अपने घर संग्रामपुर लौट रहे थे। खरेथू मोड़, मजरा नेवादा कनू के पास अचानक उनकी बाइक के सामने एक कुत्ता आ गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें सीएचसी संग्रामपुर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। वहां से उन्हें प्रयागराज स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में घायल हरिकृष्ण मिश्र की मौत की सूचना मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों संग रिश्तेदार प्रयागराज रवाना हरिकृष्ण मिश्र की मौत की सूचना मिलते ही गांव के लोग, रिश्तेदार और परिजन प्रयागराज रवाना हो गए। पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। हरिकृष्ण मिश्र अपने पिता के तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे और लंबे समय से कालिकन धाम में पुजारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। बिलख रही पत्नी, बच्चे गमगीन हरिकृष्ण मिश्र की मौत के बाद पत्नी अर्चना का बिलख-बिलख कर रोना थम नहीं रहा है। वह रोते हुए कहती हैं कि परिवार का सहारा छिन गया। बेटे ओम मिश्र और बेटी भी पिता की मौत से सदमे में हैं। ग्रामीण और रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए हैं।