अमेठी में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर फिर तेज हो गया है। शनिवार सुबह घने कोहरे की चादर पूरे जिले में फैल गई, जिसके कारण न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सर्द पछुआ हवाओं के चलने से गलन भरी ठंड ने लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है। कंपकंपी छूटने के साथ ही, दृश्यता बेहद कम होने के कारण दैनिक आवागमन भी गंभीर रूप से बाधित हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरीगंज मुख्यालय से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर तो दृश्यता 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इस कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी और उन्हें अपनी हेडलाइटें जलाकर धीमी गति से सफर तय करना पड़ा। ट्रक, बस, कार और दो पहिया वाहनों को कई जगहों पर रेंगते हुए देखा गया, जिससे यात्रा का समय काफी बढ़ गया। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ दोपहर तक धूप नहीं निकली, पछुआ हवाओं की वजह से गलन बरकरार रही। दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी और किसानों की चिंता मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया है कि आने वाले दिनों में भी घने कोहरे का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। साथ ही, तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है और पछुआ हवाएं चलती रहेंगी। इन परिस्थितियों में पाले की आशंका बढ़ जाती है, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। गेहूं, आलू, सरसों, चना और विभिन्न प्रकार की सब्जी फसलों पर पाले के प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है, जिससे उनकी उपज प्रभावित हो सकती है।