ठंड के कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज व ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में चार से पांच मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में ऐसे मरीजों की जान बचाने के लिए एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफ्रक्शन (स्टेमी) के तहत 40 हजार रुपये का जीवन रक्षक इंजेक्शन निशुल्क लगाया जा रहा है। चार घंटे में यह इंजेक्शन लग जाने पर 80 फीसदी तक मरीजों की जान बचाई जा रही है। स्टेमी केयर का प्रशिक्षण प्राप्त किए फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि ठंड बढ़ने के कारण नस सिकुड़ने लगती हैं और रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे हृदयाघात का खतरा दोगुना हो जाता है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों में से बुजुर्गों के अलावा 20 फीसदी मरीजों की उम्र 40 से कम है। बताया कि ठंड में रक्तचाप बढ़ जाता है, इससे ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा अधिक है। कहा कि चार घंटे में इमरजेंसी में आने पर इनको भी जीवन रक्षक इंजेक्शन निशुल्क लगाया जा रहा है। निजी अस्पतालों में इसका शुल्क 40 हजार रुपये से अधिक है। अस्पताल के स्टेमी केयर कक्ष में एक घंटे की देखरेख के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को बेहतर इलाज के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ रेफर किया जाता है। ऐसे में एसजीपीजीआई में मरीजों को बेड के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ता। इन बातों का रखें ध्यान - रक्तचाप मरीज खुद से दवाएं बंद न करें। - रोजाना रक्तचाप की जांच करके नोट कर लें। - घबराहट, पसीना आने पर डॉक्टर को दिखाएं। - मधुमेह नियंत्रित रखें, तले भोजन से बचें। - धूप खिलने के बाद ही बाहर टहलने निकलें। अब तक 12 मरीजों की बचाई गई जान जिले के तिलोई मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के अलावा जगदीशपुर स्थित ट्रामा सेंटर व फुरसतगंज में दिल के मरीजों के लिए यूपी स्टेमी केयर सुविधा संचालित है। जून माह से शुरू हुई इस सुविधा के तहत चारों अस्पतालों में 193 मरीजों की ईसीजी हुई है। इनमें से 16 मरीजों में स्टेमी लक्षण पाए जाने पर नौ मरीजों को जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाकर उनकी जान बचाई गई। 24 घंटे है मरीजों के लिए सेवा जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि स्टेमी हार्ट अटैक में रक्त प्रवाह प्रभावित होने से हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें लिए तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पूरी व्यवस्था व जीवन रक्षक इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध है।