अमेठी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए जाने के फैसले से अमेठी जिले की 682 ग्राम पंचायतों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव-गांव में प्रधानों और उनके समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। प्रधानों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा। ग्राम प्रधानों का कहना है कि पिछले कुछ समय से कई विकास कार्य अधूरे पड़े थे। कार्यकाल समाप्त होने की आशंका के चलते पंचायतों में योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब कार्यकाल बढ़ने से गांवों में सड़क, नाली, खड़ंजा, पेयजल, पंचायत भवन और सफाई व्यवस्था जैसे जरूरी काम तेजी से पूरे कराए जा सकेंगे। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने ग्राम प्रधानों और ग्रामीण जनता की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि पंचायतें गांवों के विकास की सबसे मजबूत कड़ी हैं और कार्यकाल विस्तार से विकास योजनाओं में निरंतरता बनी रहेगी। ग्राम प्रधान ताला मनोज शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह निर्णय गांवों के हित में ऐतिहासिक कदम है। इससे अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने का अवसर मिलेगा और ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुंचेगा। प्रधान सरवनपुर रवि सिंह ने कहा कि सरकार ने ग्राम प्रधानों का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। अब गांवों में विकास की गति और तेज होगी। रामदैयपुर के प्रधान अविनाश शुक्ला ने कहा कि पंचायतों में कई योजनाएं अंतिम चरण में थीं, जिन्हें अब आसानी से पूरा कराया जा सकेगा। वहीं जंगल रामनगर के बृजलाल वर्मा और घाघूघार के प्रधान प्रतिनिधि विवेक मिश्रा ने मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नया अध्याय शुरू होगा। फैसले की जानकारी मिलते ही कई पंचायतों में प्रधानों और समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। ग्रामीणों को भी उम्मीद है कि अब अधूरे विकास कार्य जल्द पूरे होंगे और गांवों की तस्वीर बदलेगी।