150 दुकानों पर छापे, 35 को नोटिस 10 टीमों ने की जांच प्रयोगशाला भेजे गए 20 उर्वरक और कीटनाशकों के नमूने अमेठी सिटी: खाद वितरण में अव्यवस्था, ओवररेटिंग और किसानों की शिकायतों को लेकर अमर उजाला में लगातार प्रकाशित खबरों के बाद कृषि विभाग ने शनिवार को जिले भर में विशेष जांच अभियान चलाया। उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र तिवारी और जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन के नेतृत्व में गठित 10 टीमों ने सहकारी समितियों, इफको केंद्रों और निजी उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया। अभियान में 150 दुकानों की जांच की गई। 35 उर्वरक और कीटनाशकों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि विभिन्न अनियमितताओं पर 20 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उपनिदेशक कृषि ने नंदमहर स्थित भंडारा, आईएफडीसी मुसाफिरखाना, श्याम खाद-बीज भंडार समेत 12 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस और वितरण व्यवस्था की जांच की। गौरीगंज में जिला कृषि अधिकारी ने मौर्य बीज भंडार, इफको बिक्री केंद्र, मधुसूदन उर्वरक बिक्री केंद्र तथा मौर्य पुस्तक व बीज भंडार का निरीक्षण किया। जांच में दो दुकानों पर लाइसेंस, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर मौके पर नहीं मिले, जबकि एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस अवधि समाप्त होने के बाद भी संचालित मिला। संबंधित दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इफको केंद्र पर सर्वर की समस्या मिलने पर टोकन व्यवस्था से वितरण और प्रत्येक फार्मर रजिस्ट्री पर निर्धारित मात्रा में खाद देने के निर्देश दिए गए। नियमित निगरानी जरूरी सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी डॉ. लाल बहादुर ने कहा कि मांग वाले केंद्रों पर समय से उर्वरक पहुंचाना, सर्वर और पीओएस की तकनीकी दिक्कतें तत्काल दूर करना, नियमित निरीक्षण और ओवररेटिंग पर सख्ती ही समस्या का स्थायी समाधान है। किसानों को प्रत्येक खरीद का पक्का बिल अवश्य लेना चाहिए। हर किसान को मिलेगी खाद जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने कहा कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को प्रत्येक दशा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वर संबंधी दिक्कतें दूर कराई जा रही हैं। उर्वरक और कीटनाशकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या अन्य अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। नमूने फेल होने पर लाइसेंस निलंबित तथा नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।