अमेठी में आर्थिक तंगी व छप्पर के नीचे गुजारा कर रहे बैसड़ा गांव के वनबासी बस्ती के 18 परिवारों का जीवन सुखमय बनाने के लिए डीएम और सीडीओ ने बड़ी पहल की है। 18 मार्च 2025 को हुई आगजनी की घटना में इन परिवारों के मकान जल गए थे। प्रशासन की ओर से सभी परिवारों को एक ही स्थान पर आवासीय पट्टा देकर एक मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित करने की कवायद हो रही है। इस पर करीब 50 लाख से अधिक का खर्च होने का अनुमान है। इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति कराई गई। उसके बाद बस्ती के बगल खाली पड़ी भूमि पर सभी परिवारों को आवासीय पट्टा देने के लिए भूमि चिह्नित कराई गई। प्रशासन की ओर से पहली किश्त मिलने के बाद नौ-नौ आवासों का निर्माण शुरू हुआ। दोनों कॉलोनियों के बीच में ओपन जिम सेंटर, पार्क, महिलाओं को समूह से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सीएलएफ भवन, नाली, बगल में सार्वजनिक शौचालय, तीन तरफ से कॉलोनी में जाने के लिए रास्ता बनेगा। हर घर जल की व्यवस्था होगी। इसके अलावा कॉलोनी के बगल स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण होगा। यहां पर चारों ओर चार सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग, बैठने के लिए बेंच संग हरियाली में लिए पौध रोपित किए जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि दो माह में कॉलोनी का निर्माण पूरा हो जाएगा। ग्राम प्रधान दिलीप कनौजिया ने बताया कि इस कॉलोनी के विकसित होने से इस बस्ती के लोगों का जीवन बेहतर होगा। खंड विकास अधिकारी डॉ. आकांक्षा सिंह ने बताया कि एक आवास निर्माण में करीब 1.50 लाख रुपये, ओपन जिम सेंटर व पार्क पर छह लाख रुपये, सीएलएफ भवन पर 10 लाख रुपये और तालाब के सौंदर्यीकरण पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। बताया कि मिट्टी भराई का कार्य अलग मद से कराया जा रहा है। राहुल वनवासी ने बताया कि आगजनी की घटना में सबकुछ जल गया था। आवास निर्माण हो रहा है। पहली किश्त का कार्य पूरा हो गया है, दूसरी किश्त का इंतजार है। संगीता वनबासी, जानकी वनबासी, निर्मला वनबासी, शियाराजी वनबासी आदि ने बताया कि हमलोग बड़ी दयनीय स्थिति में जीवनयापन कर रहे हैं। अलग-अलग छप्पर में रह रहे हैं। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी न ही पक्का मकान। बताया कि एक ही परिसर में हमलोगों के लिए बन रही कॉलोनी से जीवन बेहतर होगा। डीएम संजय चौहान ने बताया कि बैसड़ा गांव में मॉडल कॉलोनी विकसित कराई जा रही है। अफसरों को कार्य जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।