15 दिन तक घर-घर पहुंचेंगी सड़क सुरक्षा सखियां - डीएम ने दिखाई जागरूकता रथ को हरी झंडी, यातायात नियमों के पालन का दिया संदेश अंबेडकरनगर: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से मंगलवार को 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन परिसर से डीएम ईशा प्रिया ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सड़क सुरक्षा सखियों को शपथ दिलाई। डीएम ने बताया कि यह अभियान 7 से 21 जुलाई तक चलेगा, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के जरिये गांव-गांव और घर-घर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सड़क सुरक्षा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। अभियान का उद्देश्य इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों व गंभीर चोटों में कमी लाना है। इस वर्ष अभियान की थीम नारी शक्ति द्वारा सुरक्षित अंबेडकरनगर रखी गई है। डीएम ने सड़क सुरक्षा सखियों से आह्वान किया कि वे 8 जुलाई से घर-घर जाकर लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, गति सीमा का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे अधिक असर परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है, इसलिए महिलाओं की भागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत होगी। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने सड़क सुरक्षा सखियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी की विशेषज्ञ टीम ने सड़क सुरक्षा सखियों को व्यवहार परिवर्तन आधारित जनजागरूकता, सुरक्षित यातायात और सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में पीडी डीआरडीए कुमार कार्तिकेय, डीडीओ सविता सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सौरभ सिंह, एआरटीओ सतेंद्र कुमार यादव, डीसी एनआरएलएम सुरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।