भारतीय सिनेमा में संगीतकार अनिल विश्वास, मदन मोहन और गीतकार राजिंदर कृष्ण ने अमिट छाप छोड़ी है। 1940 से 1970 के बीच के इन संगीतकारों ने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दिलाई। इनका कहना है कि आज के संगीत में नयापन सिर्फ नाम मात्र का है। मदन के संगीत में कविता को तवज्जो मिली। साथ ही गजल और शायरी का समावेश मिला।