श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु और शिष्य परंपरा का सबसे बड़ा पर्व है। इस दिन भारत ही नहीं पूरे विश्व में सनातन धर्म को मानने वाले अपने गुरु के प्रति समर्पण का भाव प्रकट करते हैं। धर्म की रक्षा धर्म को मानने और उसका प्रचार प्रसार करने से होती है। प्राचीन काल से हमारे संत महात्माओं को इसको बनाए रखा है। हमें भी अपने धर्म के प्रति श्रद्धा का भाव रखना चाहिए।