परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद दीक्षा अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं। कोचिंग पढ़ाकर मिलने वाले पैसे एकत्र कर वह साइकिल से घर से 15 किलोमीटर दूर स्थित शूटिंग रेंज ज्वाइन किया। साइकिल में भोर में चार बजे पहुंचना ही अपने आप में एक चुनौती है लेकिन, दीक्षा पीछे नहीं हटीं।