प्रयागराज की बात करें तो शहर में स्थित झूंसी आखाड़े में आज से दो साल पहले लगभग 12-15 की संख्या में महिला पहलवान कुश्ती के मैदान में दांव पेंच लड़ाने आती थीं। लेकिन अब मुश्किल से 2-3 लड़कियां इस अखाड़े में कुश्ती का अभ्यास करने पहुंचती हैं, वह भी कभी-कभी।