प्रायश्चित, स्वाध्याय और संस्कार के लिए श्रावणी सोमवार को ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी उपाकर्म किया गया। संगम के जल में खड़े होकर विधि विधान से परंपरागंत तरीके से पूजन अर्चन करते हुए नया यज्ञोपपीत धारण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बटुकों ने भी हिस्सा लिया। जान अनजाने में हुए पाप के लिए प्रायश्चित किया गया।हिमाद्री संकल्प के साथ विप्र समाज ने वैदिक कालीन परंपरा का निर्वहन किया। पूजन में उपस्थित सभी विप्रों ने मंत्रोच्चार के साथ पंचगव्य से स्नान कर भस्म लेपन किया।