जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से गंगा-यमुना खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। नदियों के किनारे कछारी इलाकों में सैकड़ाें घर डूब जाने से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है या वे अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। सोमवार सुबह आठ बजे तक फाफामऊ में 84.7 मीटर, छतनाग में 83.40 और नैनी में 83.90 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया था। ऐसे में जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर के करीब पहुंच रहा है।