सिंदूर खेला की रस्म के साथ की गई मां दुर्गा की विदाई दुर्गा पूजा पंडालों में विजया दशमी यानी दशहरे के दिन मां की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इसके पूर्व महिलाओं ने पंडालों में सिंदूर खेला का रस्म अदा किय। अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद एक दूसरे को सिंदूर लगाकर अपने पतियों के लंबी उम्र की कामना की गई। ढोल नगाड़ों के बीच महिलाओं ने नृत्य करते हुए सिंदूर खेला का रस्म पूरा किया। मान्यता है कि इस रस्म करके महिलाएं मां से अखंड सौभाग्य और लंबी आयु का आशीर्वाद मांगती हैं। यह रस्म विजयादशमी के दिन मूर्तियों के विसर्जन से पहले की जाती है।