चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता के स्वरूप की पूजा और आराधना की गई। देवी को सुगंधित पुष्प के साथ नैवेद्य और मिष्ठान आदि का भोग लगाकर आरती की गई। शक्तिपीठ कल्याणी देवी, ललिता देवी और अलोप शंकरी के अलावा सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। भोर में साढ़े चार बजे मंगला आरती के बाद दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। मंदिरों के बाहर नारियल, चुनरी प्रसाद के दुकान पर लोगों ने फूल माला लेकर देवी को अर्पित किया।