मुट्ठीगंज में हटिया चौराहे के पास स्थित माया प्रेस में बुधवार को भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। हालांकि तब तक भीतर रखे फर्नीचर व कागजात जलकर राख हो गए। आग कैसे लगी, इसके कारणों का देर रात तक पता नहीं चल सका।
माया प्रेस बीते लगभग 20 वर्षों से बंद है, यह पूर्व में भूतल व पहली मंजिल पर स्थित भवन में संचालित होता था। बुधवार रात तकरीबन आठ बजे इसके भूतल से आग की लपटें उठने लगीं। सूचना दी गई तो पुलिस और फिर फायर ब्रिगेड भी आ गई। हालांकि देखते ही देखते आग पहली मंजिल पर फैल गई।
फायर ब्रिगेड के जवान आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे लेकिन यह फैलती ही जा रही थी। इसके बाद एक और फायर टेंडर मंगवाकर भूतल और प्रथम तल पर एक साथ पानी की बौछार शुरू की गई। मौके पर एक के बाद एक तीन फायर टेंडर और मंगवाए गए। रात 10:30 बजे के करीब फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पा सकी।
मुख्य द्वार सील होने के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आईं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ.राजीव पांडेय ने बताया कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका। इस बात की भी आशंका है कि भवन बंद होने के बावजूद पीछे के रास्ते से यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में आशंका यह भी है कि उनके धूम्रपान के दौरान आग लगी हो।