एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अतीक अहमद कहते हैं कि अध्ययन से पता चला है कि वातावरण में उत्सर्जित हो रही कार्बन मोनो ऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, फ्लोरीनीकृत गैसें, सल्फर डाइऑक्साइड आदि पृथ्वी के वातावरण से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। जिससे हवा दूषित होती जा रही है।