विजय दशमी पर रावण का पुतला दहन करने के बाद टेसू-झांझी का पूजन शुरू हो गया है। यह बृज क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का एक हिस्सा है। बच्चों की टोलियां हाथों में टेसू और झांझी लेकर गली मोहल्लों में प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते देखी जा रही हैं। लोगों को मेरा टेसू यहीं खड़ा, खाने को मांगे दही बड़ा.. जैसे गीत सुनाई दे रहे हैं। बच्चे घर-घर दस्तक देकर गीत गाकर इसके बदले में अनाज व रुपये मांग रहे हैं। जिसका प्रयोग टेसू और झांझी के विवाह में होगा। इसके बाद हिंदुओं का विवाह सीजन शुरू हो जाएगा।