करणी सेना में अनुशासनहीनता को लेकर कुछ शिकायतें मिलीं थी, जिसके आधार पर 16 अप्रैल को यूपी की कार्यकारिणी भंग कर प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान को हटा दिया गया था। शिकायतों की विवेचना करने के बाद अगले दिन 17 अप्रैल को कोर कमैटी ने संगठन में कुछ बदलाव किए। जो सही पाए गए उन्हें सम्मान से संगठन में दायित्व दिया गया है, जबकि जो दोषी पाए गए हैं, उन्हें संगठन से हटाया गया है।