जब लक्ष्य अटूट हो और इरादे फौलादी, तो बंदूक से निकली हर गोली इतिहास रचती है। आज से 16 साल पहले, यानी साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में जब अलीगढ़ की बेटी अन्नूराज सिंह ने सटीक निशाना लगाकर देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला था, तो पूरा भारत झूम उठा था। इसके बाद लंदन ओलंपिक की 22 और 25 मीटर स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनने का गौरव भी उन्होंने अपने नाम किया। आज कॉमनवेल्थ दिवस के खास मौके पर अन्नूराज सिंह ने अपने उस स्वर्णिम सफर को याद किया और देश के खेल भविष्य को लेकर अपने नए संकल्पों को साझा किया।