अतरौली क्षेत्र में दशहरी, चौंसा, लंगड़ा और फजली आम के बाग बड़ी संख्या में हैं। करीब 18 दिन पहले पेड़ों पर बौर निकलना शुरू हुआ था और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन पिछले 15 दिनों में बार-बार बदले मौसम ने पूरी तस्वीर बदल दी। महावीर सिंह बताते हैं कि उन्होंने इस बार 64 बीघा का बाग ठेके पर लिया था। जो बौर फल बन चुका था, वही बच पाया। बाकी सब झड़ गया। उनके मुताबिक, इस बार 40 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है।