व्यावसायिक वाहनों में सुरक्षा और निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य किया था। नियम के मुताबिक बिना वीएलटीडी निर्धारित श्रेणी के वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आगरा में व्यवस्था की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है। परिवहन विभाग ने जिले में वीएलटीडी लगाने के लिए 16 रजिस्ट्रेशन एवं फिटमेंट सेंटर (आरएफसी) नामित कर दिए हैं, लेकिन पिछले तीन महीने में केवल 757 वाहनों में ही डिवाइस लग सकी है। आरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने बताया कि अभी 757 वाहनों में डिवाइस लगी है, सभी को अनिवार्य रूप से लगवानी पड़ेगी। जिले में 549 स्कूली बसें, 1,352 गुड्स वाहन, 59 छोटी बसें, 6,417 थ्री-व्हीलर लोडिंग, 20,757 थ्री-व्हीलर पैसेंजर, 431 एंबुलेंस और 1,54,108 कारें पंजीकृत हैं।