नगर निगम के विशेष सदन में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। मेयर और नगरायुक्त के बीच चल रही खींचतान उस समय चरम पर पहुंच गई, जब बिना किसी निर्धारित एजेंडे के सदन की कार्यवाही शुरू हुई। सदन से नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल की अनुपस्थिति को पार्षदों ने अपमान करार देते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव पर 72 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, विपक्ष ने इसे भाजपा और सरकार का फेल्योर करार दिया।