गुड़िया सी सजी तुलसी माता और राजकुंवर से भगवान सालिगराम। मंडप पर कन्यादान के लिए बैठे राजा जनक और रानी सुनैना साथ में परिजन। विवाह के मंगलगीत और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बृहस्पतिवार को कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में तुलसी सालिगराम विवाह का विवाह वैदिक रीति से संपन्न कराया गया। श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बृहस्पतिवार को महाराजा अग्रसेन सेवा सदन कमला नगर में तुलसी सालिगराम विवाह संस्कार के माध्यम से प्रभु राम और जगत जननी मां जानकी का विवाह संपन्न हुआ। एक ओर श्री राम जय राम जय जय राम नाम का सुमधुर भजन माहौल में भक्तिरस घोल रहा था तो वहीं मंगलम भगवान के मंत्रोच्चार में 5 सहयोगी ब्राह्मणों के साथ पं. वेद प्रकाश प्रचेता ने सप्तपदी संपन्न करवाया। राजा जनक बने राजेश अग्रवाल, रानी सुनयना अंजू अग्रवाल ने तुलसी माता के कन्या के रूप में पैर पूजे। इस दौरान कन्यादान लेने के लिए महिलाओं की होड़ लगी रही। सुहाग का सामान, कपड़े, फल, मेवा, पायल और बिछुओं आदि से कन्यादान लेने के लिए महिलाओं की भीड़ अपनी बारी का इंतजार करती नजर आई। मंडप के दौरान परिवार की महिलाएं आज तुलसा को प्यारी दुल्हन बनाओ सखियों, सज के चली तुलसा प्यारी और तुलसा तेरी मेहंदी में नाम सालिगराम का है जैसे मंगलगीत गाती रहीं। फेरों के साथ ही विवाह की रस्म संपन्न हुई।