आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के सुशील नगर में तीन साल 10 महीने 4 दिन पहले विवाहिता पूजा(28) और उसके मौसेरे देवर शिवम(21) की हत्या हुई थी। इसके तीन दोषियों को अपर जिला जज-26 अमरजीत ने बुधवार को फांसी की सजा सुनाई। दोषियों में पति गौरव, देवर अभिषेक और ससुर मदन शामिल हैं। तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सास को संदेह के लाभ में बरी कर दिया गया। घटना 27 मई, 2022 को हुई थी। थाना इरादतनगर क्षेत्र के गांव डुंडीपुरा निवासी पूजा की शादी घटना से 6 साल पहले एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी गली निवासी गौरव के साथ हुई थी। पूजा की मां इंद्रा देवी ने थाना एत्माद्दाैला में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें लिखा कि बेटी की शादी में हैसियत के अनुसार दान भी दिया था। शादी के कुछ दिन बाद ही पति, ससुर मदन, सास नीलम, देवर अभिषेक, देवरानी पूजा और ननद पूजा अतिरिक्त दहेज में कार और 5 लाख रुपयों की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर बेटी का उत्पीड़न करते थे। समाज के लोगों ने भी कई बार पंचायत में समझाया लेकिन ससुराल वाले नहीं माने। 10 अप्रैल, 2022 को थाने में शिकायत भी की थी। उस दौरान बेटी के ससुराल वाले राजीनामा कर उसे अपने साथ ले गए। बेटी का मौसेरा देवर शिवम उसकी मदद करता था। ससुराल में होने वाली हर घटना के बारे में उन्हें बताता था। घटना वाले दिन बेटी की ससुराल वालों ने षड्यंत्र कर शिवम को घर बुलाया। लाठी-डंडे और लोहे के बांके से हमला कर बेटी और शिवम की हत्या कर दी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया था। विवेचक ने मदन, उसके पुत्र गौरव, अभिषेक और पत्नी नीलम के खिलाफ 23 अगस्त, 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया। ननद काव्या और देवर कृष्णा की प्राथमिकी में गलत नामजदगी पाए जाने पर उनके नाम निकाल दिए।