आगरा के अछनेरा के गांव कठवारी में श्मशान घाट की बदहाल स्थिति एक बार फिर लोगों के आक्रोश और प्रशासन की उदासीनता का कारण बनी। गांव निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग बरफो देवी पत्नी स्वर्गीय श्यामलाल का रविवार शाम करीब 6 बजे निधन हो गया। लेकिन श्मशान घाट पर टीन शेड न होने के कारण तेज बारिश में उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। बारिश रुकने का इंतजार करते-करते शव को 19 घंटे तक रोका गया। सोमवार दोपहर एक बजे जब मौसम थोड़ा साफ हुआ, तब जाकर उनकी इकलौती बेटी सुखराम सिंह फौजी ने मां को मुखाग्नि दी और तब जाकर अंतिम संस्कार संपन्न हो सका। यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले ही अछनेरा के गांव छः पोखर में भी इसी तरह एक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद, बारिश से बचने के लिए तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार किया गया था। लगातार दो घटनाओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाटों की दशा सुधारने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन आज भी न तो टीन शेड है और न ही कोई अन्य बुनियादी सुविधा उपलब्ध है। ब्लॉक अधिकारी अछनेरा ने बताया ग्राम सचिव से जानकारी करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।