दवाओं के बावजूद अगर ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं है तो खराब नींद भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि रोजाना 6-8 घंटे की मीठी (बिना टूटे) नींद डायबिटीज कंट्रोल में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि नींद के दौरान शरीर हार्मोन संतुलन बनाए रखता है। यह अध्ययन अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।