खेरागढ़ : मानदेय बढ़ाने और समय से भुगतान समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर ब्लॉक क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता और संगिनियां बीते 3 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। बृहस्पतिवार को भी उन्होंने सीएचसी परिसर धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की,कार्य बहिष्कार के चलते टीकाकरण कार्य प्रभावित होने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह ठप हैं।भिलावली निवासी आशा अंजू देवी ने बताया कि वर्तमान में आशा कार्यकर्ताओं को करीब 3500 रुपये मानदेय मिलता है।आशा कार्यकर्ता 21 हजार और संगिनियां 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग कर रही हैं।वहीं आंदोलनरत कृष्णा, अंजू, राजश्री, मंजेश, कुसमा और रेशमा आदि ने कहा कि वे गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव के बाद देखभाल, नवजात शिशुओं की घर पर देखभाल, टीकाकरण और सरकारी योजनाओं के सर्वे समेत आयुष्मान व आभा आईडी बनाने जैसे कार्य करती हैं। इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय और समय से भुगतान नहीं मिल रहा है। उन्हें स्थायी कर्मचारी घोषित करने, लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने तथा अपने परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दिए जाने की मांग की जा रही है। मांगें पूरी होने तक धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। खेरागढ़ ब्लॉक में करीब 180 आशा कार्यकर्ता और आठ संगिनी हैं। हड़ताल के चलते तीन अक्तूबर से टीकाकरण सत्र प्रभावित हैं। इससे बच्चों एवं गर्भवतियों को निर्धारित समय पर मिलने वाली सेवाएं बंद हैं।