आगरा के परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है। लेकिन विभाग की सुस्त रफ्तार ने नौनिहालों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। सरकार एक ओर स्कूल चलो अभियान के तहत नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रही है तो दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों के हाथ अब तक खाली हैं। ये नई किताबों के अभाव में फटी-पुरानी किताबें या फिर खाली बस्ते के साथ स्कूल आने के लिए मजबूर हैं।