भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप लोगों को बेचैन कर रही है। उमस ऐसी कि रात में भी लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। इससे सिर में दर्द, थकान, कमजोरी हो रही है। पसीना अधिक होने पर डिहाइड्रेशन हो रहा है। इससे बीपी भी गड़बड़ा रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या एसएन मेडिकल कॉलेज में तेजी से बढ़ी है। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 700 मरीज आ रहे हैं। रात में आर्द्रता अधिक होने से कूलर में भी लोगों को बेचैनी हो रही है। उल्टी के साथ बीपी भी गड़बड़ाया हुआ मिल रहा है। हालत खराब होने पर इमरजेंसी में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। भूख कम लगने के साथ मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायतें आ रही हैं। मरीजों को दवा देने के साथ बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि शरीर और मस्तिष्क के लिए 6-8 घंटे की स्वस्थ नींद बेहद जरूरी है। उमस और गर्मी से नींद प्रभावित होने से सिर दर्द, ऊर्जा की कमी, थकावट की स्थिति बनती है। इसके कारण मरीजों में चिड़चिड़ेपन, तेज बोलने, उग्र होने के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मौसम में मानसिक विकार के मरीजों की समस्या भी बढ़ जाती है। दवा देने के साथ उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।