सब्जी में भी अतिरिक्त नमक के साथ ही नमकीन-स्नैक्स और अन्य फास्टफूड भी खाए। इस तरह युवा रोज 25-30 ग्राम तक नमक खा रहे हैं। लंबे समय तक ऐसी स्थिति के कारण 25-35 साल के 8.2 फीसदी मरीजों में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की बीमारी मिल रही है। हालत ये है कि 2.6 फीसदी मरीजों का बीपी 100/180 एमएमएचजी तक मिला। इसमें कॉलेज जाने वाले और कामकाजी युवाओं की संख्या अधिक है।एसएन मेडिकल काॅलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि ओपीडी में आए 862 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इसमें 25-35 साल के 8.2, 36-50 साल के 31.7 और 51 से अधिक उम्र के 60.1 फीसदी मरीज उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले। इनमें 25-35 साल के 5.6 फीसदी का बीपी 130-150 और 2.6 फीसदी मरीजों का बीपी 150-180 एमएमएचजी तक मिला। अध्ययन में पता चला कि ये तेज नमक खाने के अलावा स्नैक्स, नमकीन, फास्टफूड, कोल्डड्रिंक का भी अधिक सेवन करते थे। इनमें से 28 फीसदी 30 ग्राम तक नमक खा रहे थे। इसके कारण मधुमेह, हृदय रोग, नसों की बीमारियां भी मिलीं। उपचार, फिटनेस और नमक कम के सुझाव के बाद प्राइमरी हाइपरटेंशन के 62 फीसदी मरीज ठीक हो गए।