टपकती लार, विकृत चेहरा और खाने-पीने में परेशानी... इन दुश्वारियों से जूझ रही आग से झुलसी महिला को एसएन मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के बाद नया जीवन मिला। तीन घंटे तक चिकित्सकों ने सर्जरी की। 10 दिन भर्ती रखने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. पुनीत भारद्वाज ने बताया कि बाह की 32 साल की महिला सात-आठ साल पहले जल गई थी। इससे गर्दन-होंठ और ठोड़ी तक की खाल चिपककर लटक गई थी। महिला को खाने-पीने के साथ ही बोलने में भी परेशानी होती थी। वह गर्दन भी सीधी नहीं कर पाती थी। इससे मानसिक रूप से भी परेशान थी।